घेराबंदी से ग्रस्त हिन्दुओ ! सावधान !

जयेंद्र सरस्वती जी

Jayendra Saraswati

सबसे खराब बात यह है कि धर्म-निरपेक्ष हीनभावना के शिकार अधिकांश हिन्दु,जो भी मीडिया कहता है उसे तुरंत सत्य मान लेते हैं। कोई सबूत नहीं – अचानक सभी लोग जज बन जाते हैं क्योंकि मीडिया और फिल्मों ने हमारे दिमागों में कूट-कूटकर भर रखा है कि अगर कोई हिन्दु संत है तो वह अवश्य ही भ्रष्ट और विकृत है। पूर्व में कांची मठ के शंकराचार्य श्री जयेन्द्र सरस्वती जी को हत्या के झूठे आरोप के तहत गिरफ्तार किया गया एवं मीडिया ने भी उनको कातिल ही प्रचारित किया। जब उनको निर्दोष छोड़ा गया तो किसी मीडिया प्रतिष्ठान ने उन्हें कातिल कहने के लिए कोई क्षमायाचना नहीं की। साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक भी सबूत व बिना चार्जशीट के वर्षों तक जेल में पड़ी रहीं केवल इसलिए कि वे हिन्दु साध्वी हैं। घेराबंदी से ग्रस्त हिन्दुओं ! झूठे आरोपों व कुप्रचार के माध्यम से तुम्हारे मार्गदर्शक व संत योजनाबद्ध रीति से समाप्त कर दिये जायेंगे। जब तक यह बात तुम्हारी समझ में आयेगी, तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। अतः सावधान !